अक्सर सरकारी अधिकारियों की छवि अक्सर फाइलों और मीटिंगों तक सीमित दिखती है, लेकिन झाबुआ की कलेक्टर श्रीमती नेहा मीना ने इस धारणा को बदल दिया है। हाल ही में उनके ग्रामीण दौरे के दौरान ऐसा नज़ारा सामने आया जिसने उन्हें लोगों के बीच “जनता वाली कलेक्टर” बना दिया।
दरअसल, “स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार अभियान” के अंतर्गत कलेक्टर नेहा मीना ने बुधवार को उप स्वास्थ्य केंद्र खरडूबड़ी और दौलतपुरा का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने न केवल स्वास्थ्य सेवाओं की गहन समीक्षा की बल्कि मरीजों और किशोरियों से सीधे संवाद भी किया।
एक महिला मरीज से बातचीत करते हुए कलेक्टर ने स्नेहपूर्वक पूछा—
“👉खांसी हमेशा आती है क्या? अभी मौसम की वजह से आई है या और भी परेशानी रहती है?”
“👉डॉक्टर ने क्या कहा? दवा दी?”
महिला ने अपनी तकलीफ बताई तो कलेक्टर ने खुद डॉक्टर की तरह सलाह दी — “हरी सब्जियां और पालक रोज़ खाओ, ताकि शरीर स्वस्थ रहे और बीमारियां दूर रहें।”
📌 निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने यह सुनिश्चित किया कि गर्भवती महिलाओं की प्रसव पूर्व जांच, किशोरियों में एनीमिया स्क्रीनिंग, टीकाकरण और गैर-संचारी रोगों की जांच समय पर हो। उन्होंने स्वास्थ्य अमले को सख्त निर्देश दिए कि शिविरों की जानकारी हर महिला और किशोरी तक पहुंचे और यह अभियान औपचारिकता नहीं, बल्कि जन आंदोलन बने।
👉 कलेक्टर ने किशोरियों से भी संवाद किया और एनीमिया पर विशेष ध्यान देने की बात कही। उन्होंने उन्हें आयरन युक्त आहार, हरी सब्जियाँ और दालें खाने की सलाह दी। साथ ही स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए कि स्कूलों में विशेष शिविर लगाकर काउंसलिंग और पोषण परामर्श सुनिश्चित किया जाए।
📍 दौलतपुरा उप स्वास्थ्य केंद्र में उन्होंने एएनसी रजिस्ट्रेशन, हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं की पहचान और लाभार्थियों को समय पर कंसल्टेशन की स्थिति की जानकारी ली।
ऐसी कलेक्टर पहली बार देखी:
ग्रामीणों ने पहली बार किसी कलेक्टर को इतनी आत्मीयता से मरीजों और किशोरियों से बात करते और उनकी नब्ज़ पकड़ते देखा। यह नज़ारा उनके लिए नया और भरोसा जगाने वाला था। जहां आमतौर पर अधिकारी जनता से दूरी बनाकर चलते हैं, वहीं नेहा मीना ने यह साबित कर दिया कि असली प्रशासन वही है जो लोगों तक पहुंचे, उनकी बातें सुने और समाधान खोजे।
यह तस्वीर बताती है कि झाबुआ की कलेक्टर सिर्फ़ प्रशासनिक अधिकारी नहीं, बल्कि एक संवेदनशील जन-सेवक भी हैं। उनकी यह शैली निश्चित तौर पर अन्य अधिकारियों के लिए भी एक प्रेरणा है।