झाबुआ जनसुनवाई में 54 आवेदन पहुंचे, कलेक्टर डॉ. भरसट ने दिए जांच और निराकरण के निर्देश..
जनसुनवाई में खुलीं समस्याओं की फाइलें, चेकडैम से जमीन विवाद तक पहुंचे मामले..
लक्की राठौड़ झाबुआ ✍️
झाबुआ, 13 अक्टूबर। जिला मुख्यालय पर मंगलवार को आयोजित साप्ताहिक जनसुनवाई में कलेक्टर डॉ. योगेश तुकाराम भरसट ने जिले के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे नागरिकों की समस्याएं और शिकायतें गंभीरता से सुनीं। जनसुनवाई में विभिन्न विभागों से संबंधित कुल 54 आवेदन प्राप्त हुए। कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को प्रत्येक आवेदन की वास्तविक स्थिति की जांच कर पात्रतानुसार समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
चेकडैम निर्माण में गड़बड़ी की शिकायत, जांच के निर्देश
जनसुनवाई में ग्राम सेमलखेड़ी, तहसील रामा निवासी दिनेश पिता पिसूसिंह डावर ने ग्राम पंचायत रामा में चेकडैम का निर्माण किए बिना ही कागजों में कार्य पूर्ण दर्शाकर राशि आहरित किए जाने की शिकायत प्रस्तुत की। मामले को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर ने मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत रामा को प्रकरण की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
भूमि विवाद में मौके पर जांच के निर्देश
थांदला निवासी पन्नालाल एवं मूलचंद पिता रामचंद गवली ने अपनी स्वामित्व एवं आधिपत्य की भूमि पर विपक्षी पक्ष द्वारा बलपूर्वक कार्य रोकने और विवाद करने की शिकायत की। इस पर कलेक्टर ने संबंधित राजस्व अधिकारी को मौके पर भेजकर जांच कराने और नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
पात्रता के बावजूद आवास योजना का लाभ नहीं मिलने की शिकायत
ग्राम भेरूपाड़ा, तहसील पेटलावद निवासी चैनसिंह पिता पूना मेड़ा ने आवास की व्यवस्था नहीं होने और पात्रता के बावजूद प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ नहीं मिलने की समस्या रखी। उन्होंने योजना के अंतर्गत अपना नाम दर्ज कर लाभ दिलाने का अनुरोध किया।
वहीं, ग्राम बिज्याडूंगरी निवासी तारसिंग पिता बच्चु ने सर्पदंश से हुई मृत्यु के मामले में शासन के नियमानुसार आर्थिक सहायता राशि उपलब्ध कराने की मांग की।
वनाधिकार पट्टे और कृषि भूमि पर कब्जे के मामले भी पहुंचे
ग्राम सदावा, तहसील रामा निवासी समुडा पिता नाथु भाबोर ने बताया कि वे कई वर्षों से वन भूमि पर खेती कर रहे हैं। भूमि की नपती होने के बावजूद उन्हें अब तक वनाधिकार पट्टा नहीं मिला है। उन्होंने पात्रतानुसार वनाधिकार पट्टा दिलाने की मांग की।
इसी प्रकार ग्राम गोपालपुरा निवासी कमला पति फकीरचंद भाबोर ने ग्राम नाहरपुरा में उनके परिवार द्वारा पूर्व में खरीदी गई कृषि भूमि पर विपक्षी पक्ष द्वारा कब्जा कर खेती करने तथा भूमि पर काम करने से रोके जाने की शिकायत की। उन्होंने संबंधितों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई कर भूमि वापस दिलाने का अनुरोध किया। कलेक्टर ने तहसीलदार को मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर बोले—पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ देने में न हो देरी
कलेक्टर डॉ. भरसट ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जनसुनवाई में प्राप्त प्रत्येक आवेदन का गंभीरता, संवेदनशीलता और जिम्मेदारी के साथ परीक्षण किया जाए। आमजन की समस्याओं का नियमानुसार समयसीमा में गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि पात्र हितग्राहियों को शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं और सेवाओं का लाभ बिना अनावश्यक विलंब के उपलब्ध कराया जाए।
उन्होंने संबंधित अधिकारियों को प्रत्येक प्रकरण में की गई कार्रवाई की नियमित समीक्षा करने तथा शिकायतों का संतुष्टिपूर्ण निराकरण सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
जनसुनवाई के दौरान मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत जितेन्द्र सिंह चौहान, अपर कलेक्टर सी.एस. सोलंकी सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।