मेघनगर क्षेत्र की हालात बदतर… केमिकल फैक्ट्रियों से निकलने वाला पानी नदियों में जा रहा… कई जानवरों की पानी में मौत… अब इंसान कैसे जिंदा रह पाएगा… जिम्मेदार जांच के नाम पर सिर्फ ढकोसला कर रहे हे…

रिपोर्टर: हितेंद्र पांचाल
रिपोर्टर: हितेंद्र पांचाल

मेघनगर के औद्योगिक क्षेत्र में लगभग 80 फैक्ट्रीज़, जिनमें 15 केमिकल यूनिट और 10 टायर-रीसाइक्लिंग प्लांट शामिल हैं, लगातार केमिकल वेस्ट नदी में छोड़ रही हैं। इससे नदी का पानी पीला/लाल हो चुका है, मवेशियों और मछलियों की कई मौतें हुई हैं, और गांवों में पेयजल भी प्रदूषित हुआ है
ग्राम पंचायत नागनवाट के पद्मावती नदी जो कि पीपलखुटा के एक पवित्रधाम से गुजराती है जहां पर कई लोग स्नान के साथ अपने पशुओं को पानी पिलाते है नल जल के माध्यम से कई ग्रामीण गांव में पानी जाता है लेकिन अब यह पवित्र नदी मेघनगर की केमिकल फैक्ट्रियों ने दूषित करना चालू कर दिया है बड़े बड़े टैंकरों से नदी में केमिकल छोड़ा जा रहा है जिसमें पानी में रहने वाले जीवो की मौत हो रही है और साथ ही पानी अधिक दूषित होने लगा है मेघनगर में इस मामले को लेकर अभी भी बहुत सी खबरें चली लेकिन उसका निराकरण कुछ नहीं निकला शासन प्रशाशन भी इस मामले में अपनी चुप्पी साधे बैठा है आखिर क्या प्रशासन कुछ बड़ी दुर्घटना के इंतजार में है लगातार इस मामले सोशल मीडिया पर भी कई बार लोग अपनी पोस्ट कर चुके है ग्रामीण द्वारा लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो पाई है…

इंसानों की मौत का इंतजार कर रहे जिम्मेदार…?

इससे पहले भी कई जानवर और पशुकों की मौत हो चुकी हे …मौके पर जांच करने जिम्मेदार आते जरूर हे पर जांच के नाम पर सिर ढकोसला करके चले जाते हे…अब वो दिन दूर नहीं जब इंसानों की मौतें भी यहां नजर आएगी तरह तरह की बीमारियां अब मेघनगर क्षेत्र के रहवासियों में फैलने को हे….क्या अब इंसान भी मरेंगे या जिम्मेदार कुछ हल निकालेगा…?