जिला प्रशासन में अपने सक्रिय और प्रभावशाली कार्य के लिए पहचाने जाने वाले एसडीएम भास्कर गाचले ने हाल ही में पड़लवा स्थित शासकीय स्कूल का अचानक निरीक्षण कर शिक्षा और सुरक्षा व्यवस्थाओं की गहन समीक्षा की। इस निरीक्षण के दौरान उन्होंने न सिर्फ विद्यालय परिसर की सुरक्षा पर कड़ा ध्यान दिया, बल्कि मध्यान्ह भोजन की गुणवत्ता और साक्षरता मूल्यांकन परीक्षा की तैयारियों को भी बारीकी से परखा।
एसडीएम ने बच्चों से उनकी पढ़ाई और भोजन से जुड़ी जानकारी लेकर शिक्षकों को बेहतर और निर्धारित मानकों के अनुसार स्कूल में सुधारात्मक कदम उठाने के लिए स्पष्ट निर्देश दिए। उनकी यह तत्परता ये दिखाती है कि वे न केवल कागजी कामकाज में रुचि रखते हैं, बल्कि बच्चों की भलाई और उनके बेहतर भविष्य को प्राथमिकता देते हैं।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र राणापुर का किया निरिक्षण
सिर्फ शिक्षा क्षेत्र में ही नहीं, बल्कि भास्कर गाचले ने क्षेत्रीय स्वास्थ्य व्यवस्था को भी मजबूत करने के लिए कदम उठाए हैं। उन्होंने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र राणापुर का निरिक्षण कर स्वस्थ नारी-सशक्त परिवार कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित विशेष स्वास्थ्य शिविर का अवलोकन किया। यहां उन्होंने शिविर में आई महिलाओं और मरीजों से व्यक्तिगत तौर पर संवाद कर उनकी आवश्यकताओं को समझा और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने के निर्देश दिए।उनका प्रशासनिक दृष्टिकोण, जहाँ साफ-सफाई, औषधि उपलब्धता और मरीजों के लिए बेहतर सुविधाओं को सुनिश्चित करता है, वहीं उनकी कार्यशैली में साफ इरादा झलकता है कि वे झाबुआ जिले के सभी सामाजिक और विकास संबंधी पहलुओं को गंभीरता से लेते हैं। उनकी कुशल नेतृत्व क्षमता ने जिले में प्रशासनिक कार्यों को पारदर्शी, जवाबदेह और जनता के प्रति उत्तरदायी बनाया है। एसडीएम भास्कर गाचले की यह प्रभावशाली और समर्पित कार्यशैली झाबुआ की जनता के लिए गर्व का विषय है, जो जिले में समग्र विकास और बेहतर सेवा के लिए निरंतर प्रयासरत हैं। उनका यह उदाहरण अन्य प्रशासकों के लिए भी प्रेरणा स्रोत है। एसडीएम की कार्यशैली में न केवल प्रशासनिक दक्षता है बल्कि जनता के प्रति गहरी संवेदनशीलता भी है, जो झाबुआ की सामाजिक-आर्थिक स्थिरता में अहम भूमिका निभा रही है।