कलेक्टर ने माण्डली बड़ी में धरती आबा जनभागीदारी कैम्प का निरीक्षण किया

य कार्य मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा 15 जून से 30 जून 2025 तक धरती आबा जन भागीदारी अभियान चलाया जाएगा। जिसका उद्देश्य अंतिम हितग्राहियों तक लाभ पहुंचाकर व्यक्तिगत अधिकारों को परिपूर्ण करना है और धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के बारे में जागरूकता बढ़ाना है।

कलेक्टर नेहा मीना ने धरती आबा जनभागीदारी अभियान के तहत माण्डली बड़ी में आयोजित शिविर का निरीक्षण किया। कलेक्टर ने जनभागीदारी शिविर में समग्र ई-केवायसी की जानकारी चाही। ग्राम में लंबित 2700 में से अब तक 300 ही ई-केवायसी होने पर कलेक्टर ने नाराजगी व्यक्त की और ग्राम पंचायत में टीम को विभाजीत कर कार्य करने के निर्देश दिये।

शिविर में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2013 के अन्तर्गत पात्र हितग्राहियों की ई-केवायसी के सम्बन्ध में कलेक्टर ने जानकारी चाही। जिला आपूर्ति अधिकारी द्वारा 610 ई-केवायसी लंबित होना बताया गया। कलेक्टर ने लंबित होने का कारण पूछने पर संतोषजनक जवाब ना मिलने पर नाराजगी व्यक्त की और कहा कि जिले में विगत माह से विशेष अभियान चलाये जाने के बाद भी ई-केवायसी इतनी अधिक लंबित है। उन्होंने कहा कि जनजातीय बाहुल्य जिले में यह हमारी जिम्मेदारी है कि ई-केवायसी के लिए घर-घर जाकर मोबलाइजेशन किया जाए । साथ ही लंबित स्थिति होने पर अनावश्यक कारण बताने की बजाये कार्य किया जाए। उन्होंने जिला आपूर्ति आधकारी से कैंप में शाम तक हुए ई-केवायसी की रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा। शिविर में पोर्टेबल आधार मशीन ना होने पर नाराजगी व्यक्त की और एसएलआर से कहा कि पोस्ट ऑफिस से ली गयी 12 पोर्टेबल आधार मशीनों का धरती आबा शिविरों में बराबर वितरण किया जाए। कलेक्टर ने तहसीलदार से बी 1 वाचन करने के निर्देश दिये।

शिविर में पीएम किसान के 5, आधार से खसरे की आरओआर लिंकिंग 135, छात्र – छात्राओं के 50 लंबित प्रोफाईल पंजीयन, लंबित 715 आयुष्मान कार्ड को बनाये जाने के निर्देश दिये। साथ ही शिविर में की गयी कार्यवाही की रिपोर्ट देने के निर्देश दिये। शिविर में सिकल सेल एनीमिया की स्क्रीनिंग, आयुष्मान कार्ड एवं वैक्सीनेशन कराये जाने की जानकारी सीएचओ से ली। आंगनवाड़ी कार्यकर्ता द्वारा अवगत कराया कि क्षेत्र की आंगनवाड़ी में 63 बच्चे पंजीकृत है एवं 2 सैम कुपोषित बच्चे है। कलेक्टर ने फिर से चिन्हांकन करने के निर्देश दिये।

शिविर में दो बच्ची से कलेक्टर ने चर्चा की जिससे ज्ञात हुआ कि बच्चे दोनों बच्चियाँ प्रवेश से छुट गयी है। कलेक्टर ने बीईओ से पूछा बच्चे छुट कैसे रहे है? साथ ही पुन: से चिन्हांकन कराये जाने एवं प्रधानाध्यापक को नोटिस दिये जाने के निर्देश दिये। कलेक्टर ने ग्रामीणों से अन्य समस्याओं बताये जाने पर निराकरण के निर्देश दिये।

इस दौरान मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री जितेन्द्र सिंह चौहान, अनुविभागीय अधिकारी राजस्व झाबुआ श्री भास्कर गाचले, सीईओ जनपद श्री पीसी वर्मा, तहसीलदार श्री सुनिल डावर, ग्राम पंचायत सरपंच, सचिव एवं ग्रामीण जन उपस्थित रहे।