झाबुआ में मौत की फसल! पुलिस ने किया भंडाफोड़, खेत से मिली गांजे की भारी खेप

धर्मेंद्र प्रजापत/सारंगी

नशे का कारोबार जिले की जड़ों तक पहुंच चुका है और इसकी ताज़ा बानगी पेटलावद थानाक्षेत्र के सारंगी चौकी के अंतर्गत आने वाले ग्राम कोटड़ा में देखने को मिली। यहां पुलिस ने गांजे की अवैध खेती का खुलासा किया है। सोचिए, खेत जहां अन्न उगना चाहिए था, वहां मौत उगाई जा रही थी। मुखबिर की सूचना पर दबिश देते हुए पुलिस ने खेत से भारी मात्रा में गांजे के पौधे जब्त किए। मौके से एक आरोपी को गिरफ्तार भी किया गया है। लेकिन बड़ा सवाल यह है कि क्या अकेला आरोपी ही इस पूरे खेल का हिस्सा है, या इसके पीछे बड़ा गिरोह काम कर रहा है?

ग्रामीण अंचल में इस तरह खुलेआम नशे की खेती होना कानून-व्यवस्था पर भी सवाल खड़े करता है। आखिर इतनी बड़ी मात्रा में गांजा बोया गया और प्रशासन को भनक तक क्यों नहीं लगी? क्या स्थानीय स्तर पर जिम्मेदार लोग आँख मूँदकर बैठे थे?

झाबुआ जैसे आदिवासी बहुल इलाके में नशे का फैलना आने वाली पीढ़ियों के भविष्य पर गहरी चोट है। पुलिस की यह कार्रवाई सराहनीय है, लेकिन अब जरूरी है कि पूरे नेटवर्क की जाँच हो और उन चेहरों से भी नकाब हटे जो परदे के पीछे इस जहर का सौदा कर रहे हैं। अब समय है कि सिस्टम नशे के कारोबार पर कड़ा प्रहार करे, वरना खेत-खलिहान से लेकर युवाओं के सपनों तक सिर्फ मौत ही लहलहाएगी।