उमेश चौहान/झाबुआ आलीराजपुर
राजनीति में कब कौन अपना हो जाए और कब पराया, इसका अंदाजा लगाना मुश्किल है। अलीराजपुर जिले की प्रभारी मंत्री संपत्तिया उइके ने एक बार फिर यही साबित कर दिया।
कुछ समय पहले तक कैबिनेट मंत्री नागर सिंह चौहान को लेकर सियासी गलियारों में तल्ख टिप्पणियों की चर्चा थी, अब उन्हीं नागर सिंह चौहान को मंत्री उइके खुले मंच से अपना “भाई” बताने लगी हैं। उनके इस बदले हुए रुख ने जिले की राजनीति में नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है।
प्रतिमा अनावरण के मंच से बदले सुर
जोबट में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की प्रतिमा के लोकार्पण कार्यक्रम में पहुंची प्रभारी मंत्री संपत्तिया उइके से मीडिया ने जैसे ही नागर सिंह चौहान को लेकर पहले सामने आई चर्चाओं पर सवाल किया, मंत्री का जवाब था— “नागर सिंह चौहान मेरे भाई हैं।”
यह बयान सामने आते ही राजनीतिक गलियारों में चर्चा शुरू हो गई कि आखिर कुछ ही समय में रिश्तों की यह मिठास कैसे लौट आई।
‘शराब कारोबारी’ वाले बयान की रही थी चर्चा
बीते दिनों भाजपा की एक आंतरिक बैठक के बाद यह चर्चा जोर पकड़ गई थी कि प्रभारी मंत्री ने नागर सिंह चौहान को लेकर “शराब कारोबारी” जैसी टिप्पणी की थी। यह मामला काफी दिनों तक सुर्खियों में रहा और विपक्ष ने भी इसे लेकर सवाल उठाए थे। हालांकि उस समय इस पर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई थी।
अब उसी नेता के लिए “मेरे भाई हैं” कहना राजनीतिक हलकों में यू-टर्न के रूप में देखा जा रहा है।
तीखे सवाल… और मंत्री ने बनाई दूरी
मीडिया ने जब अखबारों में प्रकाशित खबरों का हवाला देते हुए मंत्री से पुराने बयानों और चर्चाओं पर जवाब मांगा तो वे असहज नजर आईं। उन्होंने कहा, “आपके पास कोई प्रमाण हो तो बताइए।” इसके बाद वे आगे के सवालों का जवाब दिए बिना कैमरों से दूरी बनाते हुए कार्यक्रम स्थल से निकल गईं।
अब उठ रहे हैं कई सवाल
मंत्री के इस बदले हुए रुख ने कई राजनीतिक सवाल खड़े कर दिए हैं। क्या यह सिर्फ राजनीतिक शिष्टाचार है या फिर पार्टी के भीतर समीकरण बदल चुके हैं? क्या पुराने मतभेद खत्म हो गए हैं या यह केवल सार्वजनिक मंच की मजबूरी थी? इन सवालों के जवाब फिलहाल भविष्य की राजनीति ही दे पाएगी, लेकिन इतना तय है कि जोबट से निकला यह बयान अब सियासी चर्चाओं का नया विषय बन गया है।