दशरथ सिंह कट्ठा, झाबुआ
अभी स्कूले सुरु हुए कुछ ही दिन हुवे की बारिश में स्कूल की छतों का प्लास्टर गिरने लगा है..ताजा मामला झाबुआ जिले के मेघनगर ब्लाक के संकुल मदरानी का हैं… यहाँ गांव उमरादरा की प्राथमिक विद्यालय डुडका फलिया में स्कूल में पढ़ाई कर रहे छात्राओं पर छत का प्लास्टर गिरगया और तीन छात्रायें और एक शिक्षक के सिर चोट आने की वजह से घायल हो गई…घटना के बाद सभी घायल स्कूली छात्रों को थांदला के सरकारी अस्पताल लाया गया जहां पर सभी बच्चो का उपचार किया जा रहा है…वही बात करे जर्जर स्कूलों की तो आप और हम सब जानते है कि इन जर्जर स्कूल भवनों के लिए शासन द्वारा मेंटेन्स के नाम पर लाखों रुपया आता हैं लेकिन कोई भी रिपेयरिंग का कार्य नही किया जाता हैं सिर्फ लीपापोती कर सब कुछ ठीक है बतादिया जाता हैं और लाखो रुपयों का बंदरबाट किया जाता हैं क्या ऐसी घटनाएं नौनिहालों की जान के साथ कब तक होती रहेगी बात अगर पूरे जिले की करे तो पूरे की स्कूलों के भवनों की जर्जर वाली स्थिति है उनकी सही समय पर मरमत नही हो रही है और ऐसे हादसे होते हैं वही इस घटना में गनीमत रही कि कोई जनहानि नही हुई नही तो बड़ा हादसा हो सकता था और कई बच्चो की जान पर बन आती..संभलो और संभालो जर्जर स्कूल भवनों में शालाएं नही लगाए..!

ये हैं पूरा मामला…
बताया जा रहा हैं कि सुबह सभी छात्र अपने कक्षा में बैठकर पढ़ाई कर रहे थे इस बीच क्लासरूम के आगे के हिस्से में अचानक छत का प्लास्टर टूटकर गिर गया जिससे क्लासरूम में बैठे छात्रों को चोट लग गई ओर जो शिक्षक बच्चो को पड़ा रहा था उसे भी सिर पर चोटे आई वही सभी को निर्देशित कर रखा था उस के बाद भी जर्जर भवनों में स्कूलें क्यो लग रही और नौनिहालों की जान के साथ खिलवाड़ क्यो कर रहे हैं क्या ग्रामीण क्षेत्रो में आदिवासियों के बच्चो की जान की कोई कीमत नही क्या उनकी जान के साथ ऐसे ही खलवाड़ होता रहेगा सब जानते है कि सरकारी स्कूलों में आदिवासियों के बच्चें पढ़ते है और उन्हीं के बच्चो के साथ ऐसी घटनाएं घटित हो रही हैं

क्या कहते जिम्मेदार…
वहीं शिक्षिका ने बताया की पढ़ाई चल रही बच्चे बैठे थे और पढ़ाई कर रहे थे और कुछ बच्चे टेबल के पास होमवर्क को चैंक करवाने आये थे कि उसी दौरान छत का प्लास्टर गिरा और जैसे तैसे अपनी जान बचा कर बाहर की ओर भागे उसी क्लास में चौथी और पांचवी के कुल 45 बच्चे हैं और स्कूल भवन पुराना भी हो गया था लेकिन ऐसा कुछ दिख नही रहा था
प्राथमिक विद्यालय का शिक्षक
ये मामला पूरा संज्ञान में आया और प्रशासन के अधिकारी तुरंत मौके पर पँहुचे गए हैं मामले को देखने के लिए की ऐसा क्यों हुआ है जब कि सभी को निर्देशित कर दिया था कि जहाँ जहाँ पर जर्जर भवन हैं वहाँ पर शिक्षण शालाए आयोजित ना करे अब इस मामले का प्रतिवेदन आ जाय मेरे पास फिर में इस मामले को संज्ञान में लेकर जाँच की जायेगी
रितिका पाटीदार एसडीएम मेघनगर





