खवासा स्थित भारतीय स्टेट बैंक शाखा में बुधवार को रिश्वतखोरी का बड़ा मामला उजागर हुआ। इंदौर लोकायुक्त इकाई ने ट्रैप कार्रवाई करते हुए बैंक के असिस्टेंट मैनेजर और हाउस कीपर को दस हजार रुपये रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों ने किराना दुकान चलाने वाले एक दुकानदार से चार लाख रुपये का लोन स्वीकृत करने के एवज में चालीस हजार रुपये की रिश्वत की मांग की थी।
मामला ग्राम नरसिंहपाड़ा निवासी पेशकश सिंह पिता गोविंद सिंह, उम्र 29 वर्ष, से जुड़ा है जो किराना दुकान का संचालन करता है। उसने 26 जून 2025 को चार लाख रुपये के ऋण हेतु ऑनलाइन आवेदन किया था। आवेदन 27 जून 2025 को खवासा शाखा में प्राप्त हुआ, जिसे शाखा के असिस्टेंट मैनेजर ऋषभ शुक्ला को प्रक्रिया हेतु सौंपा गया। इसके बाद ऋषभ शुक्ला और हाउस कीपर हीरालाल लोहार ने आवेदक से संपर्क किया और लोन स्वीकृत करने के लिए कुल चालीस हजार रुपये की रिश्वत की मांग रखी। दुकानदार ने इसकी शिकायत लोकायुक्त इंदौर इकाई को की।
शिकायत सही पाए जाने के बाद 4 सितंबर 2025 को लोकायुक्त टीम ने ट्रैप कार्रवाई की। आवेदक से दस हजार रुपये की पहली किस्त हीरालाल लोहार ने ली, जो असिस्टेंट मैनेजर ऋषभ शुक्ला के कहने पर ली जा रही थी। जैसे ही रकम आरोपी के हाथ में आई, टीम ने दबिश देकर दोनों को पकड़ लिया। मौके से दस हजार रुपये नकद बरामद किए गए।
कार्रवाई लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक आयुष्मान मिश्र के निर्देशन में उप पुलिस अधीक्षक विवेक मिश्रा, निरीक्षक विजय कुमार, आयोजक अनिल परमार और आयोजक शैलेन्द्र सिंह चावड़ा द्वारा की गई। दोनों आरोपियों के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धारा 7 एवं 7(ए) तथा भारतीय दंड संहिता की धारा 120-बी और 34 के तहत प्रकरण दर्ज कर आगे की विवेचना की जा रही है।