आगजनी पीड़ित परिवारों के लिए मददगार बना आदिवासी परिवार संगठन, राशन-पानी की व्यवस्था कर बढ़ाए मदद के हाथ
पीपलीपाड़ा में आग से तीन मकान जलकर हुए राख, संकट की घड़ी में संगठन ने पीड़ित परिवारों को पहुंचाई राहत
लक्की राठौड़ झाबुआ ✍️
पेटलावद/पीपलीपाड़ा। ग्राम पंचायत गुणावद के पीपलीपाड़ा में हुई भीषण आगजनी की घटना ने तीन परिवारों के सिर से छत छीन ली। इस हादसे में कोदर पिता कचरू भाभर, सुभाष पिता कोदर और दिलीप पिता कोदर के मकान जलकर राख हो गए। आगजनी के बाद प्रभावित परिवारों के सामने खाने-पीने और दैनिक जरूरतों को पूरा करने का संकट खड़ा हो गया।
इस मुश्किल घड़ी में आदिवासी परिवार संगठन ने संवेदनशीलता दिखाते हुए पीड़ित परिवारों की मदद के लिए हाथ बढ़ाए। संगठन के साथियों ने मौके पर पहुंचकर पीड़ित परिवारों के लिए राशन-पानी की व्यवस्था की और उन्हें भरोसा दिलाया कि संकट की इस घड़ी में वे अकेले नहीं हैं।
संगठन की इस पहल से पीड़ित परिवारों को राहत पहुंचाने का प्रयास किया गया। आगजनी जैसी विपदा के समय जरूरतमंदों के साथ खड़े होकर उनकी मदद करना सामाजिक एकता और मानवीय संवेदना का परिचायक है।
ये साथी रहे मौजूद
राहत कार्य में विकास सिंगाड़ (BAP, माही क्षेत्र मंडल प्रभारी), खुशाल भाभर (BCC प्रभारी, पेटलावद), अनिल गरवाल, हरिराम निनामा, दिनेश भाभर, सोहन, कालुसिंह, राकेश मईडा, श्रवण पारंगी, जालु भाभर सहित अन्य साथी उपस्थित रहे।
संकट में सेवा ही सच्ची मानवता
आगजनी से प्रभावित परिवारों की सहायता कर संगठन के साथियों ने सेवा और सामाजिक सहयोग का संदेश दिया। ऐसे समय में जरूरतमंदों की मदद के लिए आगे आना न केवल पीड़ितों को संबल देता है, बल्कि समाज में आपसी सहयोग और भाईचारे की भावना को भी मजबूत करता है।