झाबुआ जिले के कलेक्टर डॉ. योगेश तुकाराम भरसट ने जनपद पंचायत थांदला अंतर्गत क्लस्टर काकनवानी एवं सेमलिया में आयोजित जन कल्याण शिविरों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों से संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं तथा विभागीय अधिकारियों को प्राप्त आवेदनों के समयबद्ध निराकरण के निर्देश दिए।
काकनवानी शिविर में कलेक्टर ने ग्रामीणों को समान नागरिक संहिता (यूसीसी) के संबंध में शासन द्वारा आमजन से सुझाव प्राप्त किए जाने की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि नागरिक अपने सुझाव मोबाइल के माध्यम से भी दर्ज करा सकते हैं। कलेक्टर ने सचिवों और पटवारियों को निर्देशित किया कि वे अपने-अपने ग्राम पंचायत क्षेत्रों में अधिक से अधिक लोगों तक इसकी जानकारी पहुंचाकर सुझाव एकत्रित करें, ताकि जनभावनाओं के अनुरूप प्रभावी नीति निर्माण किया जा सके।
उन्होंने कहा कि जन कल्याण शिविर तीन दिवस तक आयोजित किए जा रहे हैं, इसलिए कोटवारों के माध्यम से व्यापक प्रचार-प्रसार कर अधिक से अधिक लोगों की सहभागिता सुनिश्चित की जाए। किसानों से संबंधित सभी आवेदन, विशेषकर खसरा-खतौनी, राजस्व अभिलेख एवं अन्य विभागीय आवेदनों का विधिवत पंजीयन कर उनका निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए। साथ ही सीएम हेल्पलाइन के लंबित प्रकरणों को समयसीमा में निपटाने पर जोर दिया गया।
फार्मर आईडी बनवाने के लिए किया प्रेरित
कलेक्टर ने किसानों को **फार्मर आईडी** बनवाने के लिए प्रेरित करते हुए बताया कि उर्वरक वितरण की व्यवस्था ई-विकास प्रणाली के तहत ई-टोकन के माध्यम से संचालित की जा रही है। किसानों को ई-टोकन जारी होने के बाद आवश्यकता अनुसार उर्वरक उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था से पारदर्शिता बढ़ेगी और उर्वरकों की कालाबाजारी पर प्रभावी रोक लगेगी।
सूचना प्रचार में लापरवाही पर जताई नाराजगी
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने पाया कि ग्राम पंचायत काकनवानी एवं प्लासडोर में शिविर की पर्याप्त सूचना का प्रचार-प्रसार नहीं किया गया था। इस पर उन्होंने नाराजगी व्यक्त करते हुए ग्राम पंचायत काकनवानी के सचिव सुरेश डामोर को भविष्य में समय पर सूचना देने के निर्देश दिए। वहीं महिला एवं बाल विकास विभाग के सीडीपीओ बहादुर सस्तिया शिविर में अनुपस्थित पाए गए, जिस पर उनके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
शिविर में ग्रामीणों ने पेयजल संकट और समग्र आईडी से संबंधित समस्याएं भी रखीं, जिनके समाधान के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए।
सेमलिया शिविर में स्वास्थ्य और बिजली समस्याओं पर चर्चा
सेमलिया में आयोजित जन कल्याण शिविर के दौरान कलेक्टर ने ग्रामीणों को स्वास्थ्य संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी देते हुए सर्पदंश की स्थिति में किसी भी प्रकार का जोखिम न लेने तथा तत्काल नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पहुंचकर एंटी-स्नेक वेनम इंजेक्शन लगवाने की सलाह दी।
उन्होंने कहा कि जन कल्याण शिविरों का उद्देश्य ग्रामीणों को शासन की योजनाओं की जानकारी देना, उनकी समस्याएं सुनना और मौके पर ही उनका निराकरण सुनिश्चित करना है।
कलेक्टर ने ग्रामीणों से आयुष्मान कार्ड की उपलब्धता की जानकारी ली तथा पात्र हितग्राहियों के आयुष्मान कार्ड बनाने के निर्देश दिए। साथ ही यूसीसी के संबंध में भी ग्रामीणों से फीडबैक प्राप्त कर अधिक से अधिक सुझाव एकत्रित करने के निर्देश दिए।
विद्युत समस्याओं के समाधान के निर्देश
सेमलिया शिविर में ग्रामीणों ने टूटे हुए विद्युत पोल तथा मुनिया फलिया और भाभोर फलिया में विद्युत आपूर्ति बाधित होने की समस्या उठाई। इस पर कलेक्टर ने संबंधित विद्युत विभाग के कर्मचारियों को समस्या के शीघ्र समाधान के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने कहा कि जन कल्याण शिविर शासन और आमजन के बीच संवाद का प्रभावी माध्यम हैं। इन शिविरों के माध्यम से पात्र हितग्राहियों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने और नागरिकों की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जा रहा है।
इस अवसर पर अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) थांदला भास्कर गाचले सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।