“जहां हुए बलिदान मुखर्जी, वह कश्मीर हमारा है”

झाबुआ, ललित चौहान

भारतीय जनता पार्टी नगर मंडल झाबुआ द्वारा मंगलवार को भाजपा जिला कार्यालय में भारतीय जनसंघ के संस्थापक एवं प्रखर राष्ट्रवादी नेता डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में भाजपा पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने डॉ. मुखर्जी के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी।

इस अवसर पर भाजपा जिला अध्यक्ष भानु भूरिया, पूर्व जिला अध्यक्ष एवं वरिष्ठ भाजपा नेता दौलत भावसार, पूर्व सांसद गुमान सिंह डामोर सहित अनेक वरिष्ठ नेताओं ने कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। मंच पर भाजपा जिला मंत्री बबलू सकलेचा, नगर मंडल अध्यक्ष अंकुर पाठक, युवा मोर्चा जिला अध्यक्ष कुलदीप चौहान एवं नगर महामंत्री राजेश थापा उपस्थित थे।

भाजपा जिला अध्यक्ष भानु भूरिया ने कहा कि सभी कार्यकर्ताओं को डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी द्वारा दिखाए गए राष्ट्रसेवा के मार्ग पर चलने का संकल्प लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि जिले में यूरिया एवं अन्य खाद की कोई कमी नहीं है, लेकिन कांग्रेस एवं कांग्रेस समर्थित मानसिकता वाले कुछ कर्मचारी-अधिकारी भाजपा सरकार को बदनाम करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि जहां भी किसानों के लिए केवाईसी का कार्य हो रहा है, वहां उपस्थित रहकर किसानों की सहायता करें, ताकि उन्हें किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

वरिष्ठ भाजपा नेता दौलत भावसार ने अपने संबोधन में कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का जन्म 6 जुलाई 1901 को कोलकाता में हुआ था। उन्होंने कहा कि 23 जून 1953 को जम्मू-कश्मीर में सत्याग्रह के दौरान जेल में उनका निधन हुआ। आजादी के बाद जम्मू-कश्मीर में लागू वीजा व्यवस्था के विरोध में डॉ. मुखर्जी के नेतृत्व में पहला बड़ा आंदोलन हुआ था। उन्होंने “एक देश में दो विधान, दो प्रधान और दो निशान नहीं चलेंगे” का नारा देकर राष्ट्र की एकता का संदेश दिया।

भावसार ने बताया कि वर्ष 1951 में डॉ. मुखर्जी ने भारतीय जनसंघ की स्थापना की थी, जो आगे चलकर भारतीय जनता पार्टी के रूप में विकसित हुई। उन्होंने कहा कि डॉ. मुखर्जी ने पंडित जवाहरलाल नेहरू की सरकार में उद्योग मंत्री के रूप में कार्य किया, लेकिन जम्मू-कश्मीर से संबंधित नीतियों एवं धारा 370 के विरोध में उन्होंने मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे दिया था।
पूर्व सांसद गुमान सिंह डामोर ने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी बचपन से ही विलक्षण प्रतिभा के धनी थे और कम उम्र में ही कोलकाता विश्वविद्यालय के कुलपति बने। उन्होंने भारतीय जनसंघ की स्थापना कर राष्ट्रवादी विचारधारा को नई दिशा दी। डामोर ने कहा कि भाजपा कार्यकर्ता उनके बताए मार्ग पर चलते हुए भारत को परम वैभव तक पहुंचाने के संकल्प के साथ कार्य कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि 6 जुलाई को डॉ. मुखर्जी की जयंती भी उत्साहपूर्वक मनाई जाएगी।

कार्यक्रम का संचालन नगर महामंत्री राजेश थापा ने किया, जबकि आभार प्रदर्शन नगर मंत्री किशोर भाबोर द्वारा किया गया।
इस अवसर पर गणेश उपाध्याय, पं. महेंद्र तिवारी, भूपेंद्र सिंह गौड़, बिट्टू सिंगार, स्वीत गोस्वामी, हेमेंद्र भनपुरिया, अरुण नायक, राकेश कटारा, श्रीमती शोभा कटारा, श्रीमती मंजू चौहान, श्रीमती स्मृति, श्रीमती मनीषा बकाला, श्रीमती रतनी, श्रीमती मोहिनिया, अनिल भाबोर, बबलू सकलेचा, अंकुर पाठक, दौलत भावसार, कुलदीप चौहान, राजेश थापा सहित बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता उपस्थित थे।