बाइक सवारो का आतंक…स्कूल की छुट्टी के समय होती हे छेड़खानी स्कूल से आ रही मासूम बालिका को मारी टक्कर…

 

झाबुआ डेस्क /प्रद्युमन बैरागी

एक तरफ सरकार बेटी पढ़ाओ बेटी बचाओ का संदेश दे रहे हे तो वहीं झाबुआ के कल्याणपुरा में बेटियां ही सुरक्षित नहीं हे…. जीहां शाम के समय स्कूल की छुट्टी होते ही बाइक सवारों का आतंक यहां देखने को मिलता हे…महंगी महंगी गाड़ियों से युवा वर्ग के लड़के तेज स्पीड से बाइक चलाते हुए स्टंट करते नजर आते हे…..सरेराह तेज स्पीड में बाइक निकालकर स्कूल जाने वाली लड़कियों से छेड़खानी करते हे…..ऐसे में यह बालिकाएं काफी परेशान हे लगातार जागरूक लोग इसकी शिकायत भी पुलिस को करते हे परंतु कल्याणपुरा पुलिस हे कि वह किसी की सुनवाई ही नहीं करती….?क्या स्कूल जाना बंद करदे मासूम बच्चियां…?

तेज रफ्तार बाइक सवार ने मासूम बालिका को मारी टक्कर

आज फिर तेज रफ्तार बाइक का शिकार एक स्कूल जाने वाली मासूम बालिका हो गई…वह मासूम स्कूल से छुट्टी होते ही अपने घर जा रही थी तभी स्कूल से कुछ दूरी पर ही एक बाइक सवार तेज रफ्तार स्टंट करते हुए आया ओर मासूम बालिका को टक्कर मार दी जिसमें मासूम बालिका को पैर में चोट लगी हे….इस तरह के हालत एक महिला थाना प्रभारी के होते हुए यहां नजर आ रहे हे…क्या मासूम बालिकाएं अब इन हुड़दंग मचाने वालो के कारण स्कूल भी नहीं जाएगी या ऐसे ही इनका आतंक सहती रहेगी…..मेडम साहिबा दावे तो बहुत करती हे कि हम यह करेंगे वो करेंगे परंतु हकीकत आज सबके सामने हे जिसमें मासूम बालिका आज फिर चपेट में आई हे….यह तो एक ही बालिका की घटना सामने आई हे…हकीकत में हालात इससे भी बदतर है……कही न कही महिला थाना प्रभारी होने के बावजूद इस तरह मासूम बच्चियों के साथ इसी घटना होना सवाल तो खड़े करेगी ही…?

शांति समिति की बैठक बनी सिर्फ औपचारिकता….

जितनी भी समस्याएं बताई ..नहीं हुई सुनवाई

कहने को तो शांति समिति की बैठक बुलाई जाती हे संपूर्ण समाज इस बैठक में भाग लेता हे…जिसमे समाज के लोगों द्वारा कई समस्याएं थाना प्रभारी को बताई जाती हे परंतु …जिसे थाना प्रभारी खुद कॉपी में नोट करते हे…परंतु वह समस्याएं सिर्फ कागज में ही रह जाती हे …हकीकत में उस समस्या का हल होता ही नहीं हे….गांव वाले कई बार इन बाइक सवारों की समस्याएं बता चुके हे… जिसके तहत दो जवान भी यहां तैनात किए गए हे….परंतु यह जवान यहां कभी नजर नहीं आते हे…जिस कारण आए दिन यह हादसे छेड़छानी ओर विवाद होते हे जिसे देखने वाला कोई नहीं हे….