मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव (CM Mohan Yadav ) की अध्यक्षता में मंगलवार, 09 सितंबर को मंत्रालय में कैबिनेट बैठक आयोजित हुई। बैठक में कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई और कई बड़े फैसले लिए गए। साथ ही, बैठक में कई अहम प्रस्तावों को मंजूरी मिली है। इन प्रस्तावों में राज्य के नगर पालिका और नगर परिषद के अध्यक्ष के चुनाव प्रणाली में बदलाव भी शामिल है। बैठक के बाद मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कैबिनेट ब्रीफिंग में इन फैसलों की जानकारी दी।
अब सीधे चुन सकेंगे अपना मेयर
मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने मोहन कैबिनेट बैठक (Mohan Cabinet Meeting) में लिए गए अहम फैसलों की जानकारी दी। इसमें उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश में अब निकाय चुनाव के लिए महापौर और अध्यक्ष के चुनाव जनता के जरिए सीधे किए जाएंगे। यह निर्णय कैबिनेट के जरिए मंजूर प्रस्ताव के तहत लिया गया है। पहले नगरीय निकाय चुनाव में पार्षद दल महापौर का चुनाव करते थे। लेकिन अब के संशोधन के बाद महापौर का चुनाव जनता करेगी। इसी प्रकार, अध्यक्ष का चुनाव भी सीधे जनता के जरिए होगा।इस फैसले से स्थानीय स्तर पर लोकतांत्रिक भागीदारी और पारदर्शिता बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस व्यवस्था से जनता का सीधा जुड़ाव बढ़ेगा और अध्यक्षों की जवाबदेही भी जनता के प्रति अधिक होगी।
राजनीतिक हलचल तेज:
सरकार के इस फैसले से राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। विपक्षी दलों ने इसे चुनावी राजनीति से जोड़कर सवाल उठाए हैं, वहीं सत्ताधारी दल इसे “जनता को ताकत देने वाला कदम” बता रहा है। आने वाले नगरीय निकाय चुनाव अब और ज्यादा रोचक और सीधे जनता की पसंद पर निर्भर होंगे।
क्या होगा असर:
नई व्यवस्था से जहां जनता को सीधा अधिकार मिलेगा, वहीं अध्यक्ष पद के उम्मीदवारों को भी अब जनता के बीच जाकर जनसमर्थन जुटाना होगा। इससे स्थानीय मुद्दे और विकास कार्य चुनावी एजेंडे में और ज्यादा प्रमुख हो सकते हैं।