लापरवाह हे झाबुआ डीपीसी…… रेवड़ी की तरह बांट दी प्राइवेट स्कूल की मान्यता

आदिवासी अंचल झाबुआ में अब देश का भाविष्य कहे जाने वाले बच्चे सुरक्षित नहीं हे….यह बच्चे जब स्कूल पढ़ने जाते हे तो इन्हें जान जोखिम के डालकर पढ़ाई करना होती हे…. जी हा यह हम नहीं कह रहे हे.. यह जिले के कई स्कूलों की तस्वीरें बता रही हे…प्रशाशन आदेश तो देता हे भवन डिस्मेंटल के.. परंतु नए भवनों में इतना भ्रष्टाचार हुआ हे कि अब वह भी गिरने को हे….कही छत गिरती हे तो कही पानी टपकता हे… आखिर देश के भविष्य के साथ यह कैसा खिलवाड़ हे…?

झाबुआ के डीपीसी कभी केबिन से बाहर निकलेंगे…?
प्राइवेट स्कूलों की मान्यता रेवड़ी की तरह बाट दी साहब ने…

प्राथमिक शालाओं के मुखिया कहे जाने वाले डीपीसी सिर्फ कलेक्टर कार्यालय में बने इनके केबिन से ही पूरा जिला चलाते हे …..जबकि जिला आदिवासी बहुल हे गांव खेडो टेकरी पर स्कूल बने हुए हे…परंतु साहब हे कि सारा कार्य यही से करते हे ….साहब को ज़रा सी भी फुरसत नहीं हे साहब के पास प्राइवेट काम भी बहुत हे….यह वही प्राइवेट कार्य हे जो प्राइवेट स्कूलों की मान्यता वाले से लेकर ओर भी कई काम हे….साहब ने प्राइवेट स्कूलों की मान्यता तो रेवड़ी जैसे बाट दी हे जैसे कोई भी आया ओर देदो….यह रेवड़ी फोकट में भी नहीं बटी हे ….स्कूल की परमिशन के लिए बकायदा अच्छी खासी मलाई भी साहब को दी होगी…..अगर झाबुआ कलेक्टर इन सभी स्कूलों की जांच करले तो कई प्राइवेट स्कूल सील हो जाएगी और उनकी मान्यताएं रद्द हो जाएगी….क्यों कि कई स्कूल तो नियम कायदे से बाहर हे उनमें न कोई सुविधा हे न सुरक्षा के उपाय हे…..फिर भी मान्यता साहब ने देदी हे..?

क्या जिन्होंने घटिया निर्माण किया और करवाया उनपर कार्यवाही होगी

पूरे जिले में जिस विभाग ने भवन बनाए ओर जिस ठेकदार ने घटिया निर्माण किया… क्या अब उन ठेकदारों पर कार्यवाही होगी यह बड़ा सवाल हे…..क्यों जिम्मेदार तो यही लोग हे जिन्होंने ऐसे भवन बनाए …इसमें भारी भ्रष्टाचार किया आखिर इन पर कार्यवाही कब होगी यह बड़ा सवाल हे…?

एक्शन में हे झाबुआ कलेक्टर नेहा मीना..

फिलहाल झाबुआ कलेक्टर नेहा मीना एक्शन में है..मेडम लगातार हर कार्य की बारीकी से मॉनिटरिंग कर रही हे ….बैठक के माध्यम से अधिकारियों को हिदायत भीं दी जा रही हे…परंतु लापरवाह जिम्मेदार अपनी ढ़पली अपना राग अलाप रहे हे….कही न कही ये जिम्मेदार कलेक्टर मेडम को दरकिनार करते हुए अपनी मनमर्जी पर उतर आए हे…..वरना इस तरह की लापरवाही नहीं होती ना ही कलेक्टर मेडम को एक्शन लेना पड़ता ….अगर यह जिम्मेदार अपनी जिम्मेदारी ईमानदारी से निभा ले तो जिला एक नहीं बुलंदी पर होगा….