सारंगी में चोरों के हौसले बुलंद! चौकी के पास भी सुरक्षित नहीं दुकानें, श्री इंटरप्राइजेस को बनाया निशाना

महेंद्र देवड़ा/ झाबुआ

सारंगी क्षेत्र में चोरी की घटनाओं को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो रहे हैं। चोरों के हौसले इस कदर बुलंद नजर आ रहे हैं कि अब पुलिस चौकी के नजदीक स्थित दुकानें भी सुरक्षित होने को लेकर सवालों के घेरे में हैं। सारंगी में श्री इंटरप्राइजेस दुकान को चोरों ने निशाना बनाते हुए नगदी पर हाथ साफ कर दिया। घटना के बाद क्षेत्र में व्यापारियों के बीच चिंता और असुरक्षा का माहौल बनने की आशंका है।

चौकी के पास चोरी, आखिर अपराधियों में किस बात का डर नहीं?

सबसे बड़ा सवाल यही है कि जब पुलिस चौकी के आसपास का क्षेत्र ही चोरी की घटनाओं से अछूता नहीं है, तो दूर-दराज के इलाकों में स्थित दुकानों और प्रतिष्ठानों की सुरक्षा का क्या हाल होगा? व्यापारियों की मेहनत की कमाई पर हाथ साफ करने वाले चोर आखिर कब तक पुलिस की पकड़ से बाहर रहेंगे?

दुकानदार दिनभर मेहनत कर अपना कारोबार चलाते हैं। दुकान में रखी नगदी और सामान उनकी मेहनत की कमाई होती है। ऐसे में चोरी की घटनाएं केवल आर्थिक नुकसान नहीं पहुंचातीं, बल्कि व्यापारियों के मन में सुरक्षा को लेकर चिंता भी पैदा करती हैं।

आखिर सारंगी में बढ़ती चोरी की घटनाओं पर कब लगेगा ब्रेक?

सारंगी में चोरी की इस घटना ने एक बार फिर कानून-व्यवस्था और बाजार की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। क्या बाजार क्षेत्र में रात्रि गश्त पर्याप्त है? क्या संदिग्ध गतिविधियों पर प्रभावी निगरानी रखी जा रही है? और क्या चोरी की घटनाओं को रोकने के लिए कोई ठोस रणनीति बनाई जा रही है?

इन सवालों का जवाब अब पुलिस प्रशासन की कार्रवाई से ही मिलेगा। व्यापारियों और आम नागरिकों की अपेक्षा है कि घटना को गंभीरता से लेते हुए चोरी में शामिल आरोपियों का पता लगाया जाए तथा बाजार क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की जाए।

पुलिस प्रशासन से सवाल — व्यापारियों की सुरक्षा की जिम्मेदारी कौन निभाएगा?

श्री इंटरप्राइजेस में हुई चोरी सिर्फ एक दुकान का मामला नहीं, बल्कि बाजार की सुरक्षा व्यवस्था पर विचार करने का अवसर भी है। यदि समय रहते ऐसी घटनाओं पर प्रभावी अंकुश नहीं लगाया गया, तो व्यापारियों की चिंता और बढ़ सकती है।

अब देखना होगा कि पुलिस इस मामले में कितनी तत्परता से कार्रवाई करती है और चोरों तक कब पहुंचती है।

सवाल सीधा है—सारंगी में चोरों के हौसले कब टूटेंगे और व्यापारियों को सुरक्षा का भरोसा कब मिलेगा?