इस थाने को चला रहा फरमार साहब… क्या थाना प्रभारी बनी चौकीदार…..?

एसपी साहब दिन रात जनता की सेवा में लगे रहते हे लोगों को जागृत करते हे उनकी समस्याएं सुनते हे …जिसका परिणाम भी इस बार देखने को मिला लोग नशे से दूर हुए डीजे दहेज बंद हुआ आपसी झगड़े खत्म हुए लोग सादगी से शादी करने लगे और आदिवासी समाज को एक नई दिशा भी मिली…….

पुलिस का मतलब बदमाशों में खौफ होता हे परंतु कल्याणपुरा थाना क्षेत्र के हालात फिलहाल कुछ बदले से नजर आ रहा हे…..

कल्याणपुरा थाने पर कोई फरमार नाम के साहब पदस्थ हे… यह साहब ही आजकल पूरा थाना चलाते हे इस थाने पर सुनवाई इनके बिना पूछे नहीं होती हे चाहे कोई सा भी मामला हो इन फरमार साहब को पूछना ही पड़ेगा …….ये वही फरमार साहब हे जिनका शिकायत के बाद कुछ महीने पहले ट्रांसफर हुआ था फिर ये साहब दलाली करते हुए दूसरे थाने पहुंचे और वहां से फिर कल्याणपुरा थाने पर गरीबों को लूटने आ ही गए….आखिर इस थाने से साहब का इतना मोह क्यों …..काम तो हर जगह एक ही हे फिर भी साहब का मोह इस थाने से कम नहीं हो रहा हे….इन साहब ने गांव के कई युवाओं को दलदल में धकेला हे रात भर पार्टियां इस फरमार साहब के यहां होती हे जिसके लालच में आसपास के युवा भी इन पार्टियों में शामिल होते हे…क्या इन साहब का यहां रहना उचित हे…..?

सुनवाई कौन करेगा

थाने पर पीड़ित लोग अपनी परेशानी लेकर आते हे तो उनकी सुनवाई तो दूर की बात हे उल्टा उन्हें ही आरोपी बनाने की बात होती हे उन्हें इस तरह से कानून दिखाकर डराया जाता हे कि पीड़ित दूसरी बार उनकी शिकायत ही न करे….जबकि आरोपी की सेवा ये साहब बहुत बढ़िया से करते हे चाहे कोई सा भी केस हो आरोपी पक्ष साहब की चाकरी जो करते हे ….बस इसी मलाईदार चाकरी के चक्कर में साहब पीड़ित की आवाज दबा देते हे और गरीब की सुनवाई इस थाने पर नहीं होती हे…..चाहे कोई भी मामला हो बिना दलाली के यहां सुनवाई नहीं होगी…?

अवैध धंधों का गढ़ बना क्षेत्र…..

पूरे थाना क्षेत्र में कई अवैध गतिविधियां जोरो पर चलती हे …कल्याणपुरा ही नहीं उसके आसपास कई किलोमीटर के दायरे में गांव गांव खुले अवैध ढाबे जहा देर रात तक जाम छलकते हे….. क्षेत्र के होनहार युवा इन अवैध ढाबों के चंगुल में हे.. जहां हर तरह के अवैध कार्य होते हे….तो कही विवाद होते हे ओर यह सभी ढाबे बिना सूचना ओर जानकारी के चल रहे हे…..ऐसा नहीं हे कल्याणपुरा थाना प्रभारी को इसकी जानकारी नहीं हे उन्हें सब पता हे पर हर जगह से कुछ न कुछ तो चाकरी हो रही हे तभी तो यह सारे काम हो रहे हे वरना देर रात तक यह अवैध कार्य चलना आसान नहीं हे……इतना ही नहीं कई जगह पर तो ऐसी अवैध गतिविधियां भी चल रही हे जिसको लिखना हम यहां मुनासिब नहीं समझते हे आखिर कल्याणपुरा थाना क्षेत्र अब राम भरोसे हो गया हे…..

कल्याणपुरा नगर ओर आसपास में भी यहां के जिम्मेदार जमकर उगाही कर रहे हे ….हर उस ढाबे से लेकर शराब की छोटी दुकानों पर हफ्ता वसूली इन दिनों जमकर चल रही हे कई जगह तो ग्राफ इतना गिर रहा हे जो बताने योग्य नहीं हे….. इन जवानों की न भाषा शैली सही हे न इनका जवाब….कई जवान शाम होते ही नशे के आगोश में समा जाते हे…..आखिर इन जिम्मेदारों का इस तरह लापरवाही करना कहा तक उचित हे….

थाना प्रभारी की कार्यशैली पर उठ रहे सवाल….

नवीन थाना प्रभारी को आए हुए एक महीने से अधिक समय हो गया हे ….परंतु मेडम सिर्फ गाड़ी से निकलती हे और सायरन बजाकर वापिस थाने गाड़ी पहुंच जाती हे….जबकि नगर में यातायात व्यवस्था बेहाल हे ….
थाने पर पीड़ितों की सुनवाई हो नहीं रही… स्कूल टाइम पर बाइक सवारों का आतंक हे …..आखिर इस तरह से जनता की सेवा करने आई थाना प्रभारी कैसे जनता की उम्मीदों पर पानी फेर रही हे…..जबसे मेडम आई हे तबसे न उन्होंने जनता से संवाद किया न जनता की समस्याएं सुनी …जबकि एसपी साहब खुद गांव गांव जाकर जनता की समस्याएं सुनते हे इसे में एसपी साहब की मेहनत पर किस तरह प्रश्न चिन्ह खड़ा किया जा रहा हे …..खेर यह तो थाना प्रभारी का अपना मामला हे वो थाना प्रभारी बनकर आई हे अब वो खुद चौकीदार बनकर रहना चाहते हे यह अलग विषय हे……हम तो यही कहेंगे मेडम जागो उठो और थाने की कमान हाथ में लो पीड़ितों वंचितों की सुनवाई करो उन्हें न्याय दिलाओ तभी आप जनता का दिल जीत पाओगे वरना कई थाना प्रभारी आए और चले गए परंतु अभी तक कई थाना प्रभारी ने बेहतर कार्य भी किया जिन्हें यहां की जनता हमेशा दिल से याद करती हे…फिलहाल मास्टर स्ट्रोक में इतना ही जल्द हाजिर होंगे एक नई खबर के साथ तो पढ़ते रहिए झाबुआ एक्सप्रेस का मास्टर स्ट्रोक…