इश्क़ में जलन और इज्जत की आड़, दो जिंदगियां छीन गया गुनाह …

उमेश चौहान/झाबुआ

ग्राम खेड़ा में दो मासूम जिंदगियों को छीन लेने वाली यह सनसनीखेज वारदात अब खुलकर सामने आ चुकी है। जिस मामले को ग्रामीण शुरुआत में प्रेमी युगल की आत्महत्या मान रहे थे, वह दरअसल हत्या थी। पुलिस ने गहन जांच करते हुए इस दोहरे हत्याकांड का राजफाश कर चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।

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घटना का सनसनीखेज खुलासा

दिनांक 26 सितंबर 2025 को थाना कल्याणपुरा पुलिस को सूचना मिली कि ग्राम खेड़ा में लिमजी किहोरी के खेत की बांस झाड़ियों के नीचे एक लड़का और एक लड़की का शव पड़ा है। दोनों के गले कपड़े का दुपट्टा बंधा हुआ था। मृतक की पहचान अंकित पिता कान्तु पंडा (उम्र 17 वर्ष) एवं मृतिका की पहचान तोला पुत्री जुवान गामोड़ (उम्र 14 वर्ष), निवासी ग्राम खेड़ा के रूप में हुई।

पहली नजर में यह मामला आत्महत्या लग रहा था, लेकिन पुलिस अधीक्षक झाबुआ श्री शिव दयाल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री प्रतिपाल सिंह महोबिया तथा अनुविभागीय अधिकारी पुलिस अनुरक्ति साबनानी के निर्देशन में थाना प्रभारी नेहा बिरला के नेतृत्व में गठित टीम ने जब कॉल डिटेल और परिस्थितिजन्य साक्ष्य खंगाले, तो असलियत सामने आई।

ऐसे खुली हत्याकांड की परतें:

  • मृतिका तोला पहले विधि विरुद्ध बालक के संपर्क में थी, लेकिन बाद में उसका झुकाव अंकित की तरफ हो गया।

  • यह रिश्ते का बदलाव विधि विरुद्ध बालक को नागवार गुजरा।

  • 25 सितंबर को अंकित उसकी मोटरसाइकिल लेकर गया था, जिसे लेकर विवाद उठ खड़ा हुआ।

  • उसी दौरान विधि विरुद्ध बालक ने अपने जीजा पिन्टु तथा साथी रमसु और दिलीप को उकसाया और गांव में बदनामी की बात कहकर चारों ने गुस्से में अंकित और तोला का गला दुपट्टे से घोंट दिया।

इन्हें किया गया गिरफ्तार:

इस वारदात के बाद थाना कल्याणपुरा पर अपराध क्रमांक 252/2025 धारा 103(1), 238, 3(5) बी.एन.एस. के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया। अनुसंधान पूर्ण होते ही आरोपी विधि विरुद्ध बालक (नाम गोपनीय), पिन्टु, ग्राम खेड़ा, रमसु, ग्राम खेड़ा, दिलीप, ग्राम खेड़ा को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया।

पुलिस टीम की सराहनीय भूमिका

इस सनसनीखेज खुलासे में गठित पुलिस टीम का विशेष योगदान रहा। टीम में शामिल निरीक्षक नेहा बिरला, उपनिरीक्षक शिवकुमार सिंह कुशववाह, सउनि जगदीश नायक, सउनि प्रेमचंद परमार, सउनि उमेश मकवाना, प्र. आर. 138 नरवेसिंह डोडियार, आर. 427 राजेन्द्र मुवेल, आर. 355 विजय, आर. 328 अर्जुन पंचाली, आर. 408 देवा, आर. 362 सुनील डोडियार, आर. 651 नारायण चौहान, सायबर सेल टीम झाबुआ मौजूद थे। 

गांव में मचा हड़कंप

इस घटना ने पूरे गांव को दहला कर रख दिया है। सिर्फ रिश्तों में आए बदलाव, जलन और बदनामी की सोच ने दो मासूम जिंदगियां निगल लीं। पुलिस की त्वरित कार्रवाई और पूरी टीम के प्रयास से आखिरकार इस गुत्थी का राजफाश हो गया और आरोपी सलाखों के पीछे पहुंच गए।