नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ छेड़े गए निर्णायक अभियान “ऑपरेशन प्रहार” के तहत झाबुआ पुलिस ने ऐसा कदम उठाया है, जिसने नशा तस्करों के बीच हड़कंप मचा दिया है। जिले के इतिहास में पहली बार PIT-NDPS Act, 1988 के तहत कार्रवाई करते हुए एक आदतन नशा तस्कर को 6 माह के लिए केंद्रीय जेल भोपाल भेजा गया है। यह कार्रवाई न केवल झाबुआ पुलिस की बड़ी सफलता मानी जा रही है, बल्कि नशे के कारोबारियों के लिए कड़ा संदेश भी है कि अब कानून का शिकंजा और ज्यादा मजबूत होने जा रहा है।
पुलिस अधीक्षक देवेंद्र पाटीदार के नेतृत्व में जिलेभर में नशे के अवैध व्यापार, परिवहन और बिक्री में संलिप्त अपराधियों के खिलाफ लगातार सख्त अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में थाना कोतवाली क्षेत्र के ग्राम गोपालपुरा निवासी सुरेश पिता हकरू भाबोर (36 वर्ष) को पुलिस ने PIT-NDPS एक्ट के तहत निरुद्ध कराने की कार्रवाई की।
6 साल में 7 एनडीपीएस अपराध, फिर भी नहीं सुधरा तस्कर
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी सुरेश भाबोर के खिलाफ वर्ष 2020 से 2026 के बीच एनडीपीएस एक्ट के तहत कुल 7 गंभीर अपराध दर्ज हैं। एक मामले में उसे न्यायालय से सजा और अर्थदंड मिल चुका है, जबकि दो मामले अभी न्यायालय में विचाराधीन हैं। अन्य प्रकरणों की जांच जारी है। इसके बावजूद आरोपी लगातार मादक पदार्थों के अवैध कारोबार में सक्रिय बना हुआ था।
मई 2026 में ही आरोपी के खिलाफ थाना कोतवाली झाबुआ में अपराध क्रमांक 485/2026 धारा 8/20 एनडीपीएस एक्ट तथा अपराध क्रमांक 486/2026 धारा 8/21 एनडीपीएस एक्ट के तहत दो नए प्रकरण दर्ज किए गए थे। आरोपी के लगातार आपराधिक इतिहास और भविष्य में पुनः नशा तस्करी में संलिप्त होने की आशंका को देखते हुए पुलिस अधीक्षक द्वारा विस्तृत प्रतिवेदन तैयार कर जिला दण्डाधिकारी के माध्यम से इंदौर संभाग आयुक्त को भेजा गया।
कमिश्नर ने माना गंभीर खतरा, जारी किया निरुद्धि आदेश
प्रकरण का विस्तृत परीक्षण करने के बाद इंदौर संभाग आयुक्त डॉ. सुदाम खाड़े ने पुलिस द्वारा प्रस्तुत तथ्यों को गंभीर और न्यायोचित मानते हुए स्वापक औषधि एवं मनःप्रभावी पदार्थ अवैध व्यापार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 3(1) के तहत आरोपी को आदेश दिनांक से 6 माह के लिए केंद्रीय जेल भोपाल में निरुद्ध करने के आदेश जारी किए।
नशा तस्करों को सीधा संदेश—अब बख्शा नहीं जाएगा
झाबुआ जिले में पहली बार हुई यह कार्रवाई स्पष्ट संकेत है कि नशे के कारोबार में लिप्त आदतन अपराधियों के खिलाफ अब केवल सामान्य कानूनी कार्रवाई ही नहीं, बल्कि आवश्यकता पड़ने पर कठोर प्रतिबंधात्मक कानूनों का भी उपयोग किया जाएगा। पुलिस का मानना है कि ऐसे तत्व समाज, विशेषकर युवाओं के भविष्य के लिए गंभीर खतरा हैं और इनके विरुद्ध निर्णायक कार्रवाई जरूरी है।
ऑपरेशन प्रहार रहेगा जारी
झाबुआ पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जिले को नशामुक्त बनाने के लिए अभियान लगातार जारी रहेगा। आमजन से भी अपील की गई है कि यदि कहीं मादक पदार्थों का अवैध कारोबार, परिवहन, संग्रहण या बिक्री होती दिखाई दे तो तत्काल पुलिस को सूचना दें। पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि “ऑपरेशन प्रहार” के तहत नशे के कारोबारियों पर आगे भी इसी प्रकार की कठोर और प्रभावी कार्रवाई जारी रहेगी।
झाबुआ पुलिस का यह कदम जिले में नशे के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी और ऐतिहासिक कार्रवाई के रूप में देखा जा रहा है।