प्रशासन की पहल बनी मिसाल, सबका साथ-संवाद से समाधान, मंदिर की आय की सुरक्षा

कल्याणपुरा में चारभुजानाथ मंदिर की भूमि एवं व्यवस्थाओं में सुधार के लिए प्रशासनिक टीम ने सराहनीय पहल दिखाई। मंदिर में शासकीय दानपेटी स्थापित कर राशि का सुरक्षित और पारदर्शी संचालन सुनिश्चित किया गया। यह पहल क्षेत्र में प्रशासन पर आमजन के विश्वास को और मजबूत करती है। कलेक्टर के निर्देशानुसार तहसीलदार सुनील डावर के नेतृत्व में कार्रवाई संपन्न हुई। शासन द्वारा पहले ही मंदिर परिसर में बनी लगभग 18-20 दुकानों के व्यापारियों को सरकारी जमीन पर अतिक्रमण संबंधी जानकारी तथा अर्थदंड के लिए विधिवत सूचना दी गई थी। संवादपूर्ण वातावरण में तीन लाख दस हजार रुपये की वसूली प्रशासनिक प्रक्रिया के तहत हुई।

व्यापारियों के प्रति सकारात्मक संदेश

प्रशासन ने किसी व्यापारी के खिलाफ न जाकर, सबको नियम एवं कानून समझाते हुए प्रक्रिया को निष्पक्षता से लागू किया। सभी व्यापारियों से संवाद रखते हुए सहयोग प्राप्त किया गया, जिससे वातावरण सौहार्दपूर्ण रहा।

तहसीलदार सुनील डावर ने बताया “कलेक्टर महोदय के निर्देशन में चारभुजानाथ मंदिर परिसर की शासकीय भूमि पर अवैध अतिक्रमण कर निर्मित दुकानों के संबंध में पूर्व सूचना दी गई थी। नियमानुसार सभी सम्बंधित व्यक्तियों पर अर्थदंड आरोपित किया गया, जिसकी वसूली आज तीन लाख दस हज़ार रुपये की हुई है। शासकीय अधिपत्य बनाए रखने के लिए भविष्य में भी कोई निर्माण या कब्जा विधिवत प्रक्रिया से ही होगा। यह कार्रवाई पूर्णत: पारदर्शिता और कानून के पालन में संपन्न हुई है।” यह कदम प्रशासनिक विकास, पारदर्शिता और जनहित में मिसाल बना है।